सनातन धर्म रक्षा दल समिति कैथल हरियाणा (भारत )

जागृति का दीप जलाएं, सनातन धर्म बचाएं ।

?>

1976 का बदलाव: भारत से “हिंदू राष्ट्र” की अवधारणा का अंत और धर्मनिरपेक्षता का बोझ

भारत दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यता है और यहाँ का मूल धर्म सनातन धर्म यानी हिंदू धर्म है। हजारों सालों…

Read More
?>

1991 का Places of Worship Act: मंदिरों के पुनर्निर्माण पर रोक और हिंदू समाज की पीड़ा

भारत एक ऐसा देश है जिसकी मिट्टी में हजारों वर्षों की सभ्यता और धार्मिक परंपराएँ रची-बसी हैं। यहाँ के मंदिर…

Read More
?>

1972 का मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और अल्पसंख्यक आयोग: समानता पर सवाल

भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र माना जाता है। संविधान के अनुसार सभी नागरिकों को…

Read More
?>

1991 का कानून और मुग़लों द्वारा तोड़े गए मंदिर: हिंदू समाज के अधिकारों पर प्रतिबंध

भारत की पहचान उसकी प्राचीन सभ्यता और सनातन संस्कृति से है। यहाँ के मंदिर न केवल उपासना स्थल रहे, बल्कि…

Read More
?>

1956 की हज यात्रा सब्सिडी: धर्मनिरपेक्षता या असमानता

भारत को एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र माना जाता है। संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 स्पष्ट रूप से कहते हैं कि…

Read More
?>

1985 और बांग्लादेशी घुसपैठ: 5 करोड़ बाहरी लोगों को नागरिकता, क्या यह हिंदुओं के साथ अन्याय नहीं?

भारत एक विशाल और विविधता से भरा देश है। लेकिन जब देश की सीमाएँ असुरक्षित होती हैं और पड़ोसी देशों…

Read More
?>

2007: जब सरकार ने कहा – श्रीराम काल्पनिक हैं! हिंदू आस्था पर सबसे बड़ा प्रहार

भारत की पहचान उसकी आस्था, संस्कृति और परंपराओं से है। इस आस्था के केंद्र में भगवान श्रीराम का स्थान सर्वोपरि…

Read More
?>

2012: मदरसे RTI और ऑडिट से बाहर – क्या यह भारत की शिक्षा और पारदर्शिता के खिलाफ कदम था?

भारत एक लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष देश है। यहाँ हर संस्था, चाहे वह सरकारी हो या गैर-सरकारी, यदि सार्वजनिक धन का…

Read More
?>

2013: जब हिंदू, सिख और जैन संस्थाओं को कोर्ट जाने से रोका गया – आस्था और न्याय पर दोहरा मापदंड

भारत का संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देने का वादा करता है। लेकिन क्या वास्तव में यह समानता सबको…

Read More
?>

1947 और छोड़ी गई ज़मीनों का सच: वक्फ बोर्ड और हिन्दुओं के साथ अन्याय

भारत का बंटवारा 1947 में सिर्फ एक भूगोल का विभाजन नहीं था, यह करोड़ों जिंदगियों का टुकड़ा-टुकड़ी करने वाला फैसला…

Read More
?>
?>
?>